![]() व्यथाA Poem by Manoj Tripathi
एक नन्ही सी किरण मि™े-ी,
इस™िए तमन्ना जा-ी, मै हूँ बेबस प्रीत में तेरे, ना भायी आज़ादी.... व्यथा ™िखूं उस हीर की मैं क्या, जिसने सही जुदाई, या दर्द कहूँ उस ™ै™ा की, हारी थी जिससे खुदाई.... इक मीरा ने विषपान किया, "र राधा नैना भर मुस्काई, खुद अन्तर्मन में पीर दबाई, मन से मन मैं जीत ही आई...... आशा है आशा ही आये, या पु™कित मन ये हर्षाये, विधि विधाता तूने रची है, आँच™ फिर ख™ी ना जाये...... क्षणिक ठेस मन व्यथित हुआ है, दरिया सा कुछ फुट रहा है, भावों की -ा-र छ™की है, ख़बर न कुछ आ-े प™ की है...... मेरी नज़रें नहीं क़ाफ़िर, न ही जज़्बात झूठे हैं, तेरी बस तेरी ही ख़ातिर, सभी अपने ही रुठे है.... आईने सा सफ़र देखो, कि दि™ हर बार टुटा है, जिसपे जान ™ुटाती हूँ, वो मेरा रब ही झूठा है..... भरे उ™्™ास से उसने, जो बाहें अपनी फै™ाई, कई शिक़वे शिकायत थे, जिन्हें मैं भू™ ही आई...... बसे सांसों में जिस प™ थे, अज़ब सी बेकरारी थी, वही प™ तो थे मेरे, तू मेरा था मैं तेरी थी.... कहा कश्ती किनारे पे, तेरी मै ही ™े जाऊँ-ा, सारे वचन निभाऊं-ा, मैं भी क्षत्रिय कह™ाऊँ-ा.. © 2020 Manoj Tripathi |
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Added on July 5, 2020 Last Updated on July 5, 2020 Tags: Bollywood, Writer Director Manoj Tripathi, poetry Author![]() Manoj TripathiMumbai, Maharastra, IndiaAboutManoj Tripathi is an Indian film director, screenwriter and producer. He made his debut with CURFEW (2018) Hindi Bollywood film. He garnered more success sort film Target Under Trail. Born and raised .. more.. |